September 02, 2015 आज फिर स्याहि का रंग कागज पर उतर आया आज फिर स्याहि का रंग कागज़ पर उतर आया, जब उसका ख़्याल मेरे दिल में उभर आया। झुकी नजरों में जो उसका चेहरा नजर आता था दिल में कही चिराग सा जल जाता था। नजरे ना मिलें ये गम ना था, उसकी प...